LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

जिला अस्पताल जीवनदीप समिति गबन कांड: आखिरकार बाबू राकेश निलंबित — मगर अभी भी अनुत्तरित हैं कई सवाल..?

जिला अस्पताल जीवनदीप समिति गबन कांड: आखिरकार बाबू राकेश निलंबित — मगर अभी भी अनुत्तरित हैं कई सवाल..?

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।जिला अस्पताल गौरेला की जीवनदीप समिति में लाखों रुपये के गबन कांड ने आखिरकार बड़ा मोड़ ले लिया है। लंबे खींचतान और संदेह के बीच स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-03 बाबू राकेश राठौर  को निलंबित कर दिया है।

ये खबर भी पढ़ें…
संजीव शुक्ला BEO पर लगे गंभीर आरोपों की जांच शुरू: DEO का आदेश, दो प्राचार्यों को सौंपी जिम्मेदारी”
संजीव शुक्ला BEO पर लगे गंभीर आरोपों की जांच शुरू: DEO का आदेश, दो प्राचार्यों को सौंपी जिम्मेदारी”
April 22, 2026
संजीव शुक्ला BEO पर लगे गंभीर आरोपों की जांच शुरू: DEO का आदेश, दो प्राचार्यों को सौंपी जिम्मेदारी”  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-जिले के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी आदेश में साफ लिखा गया है कि जीवनदीप समिति के संचालन में वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप जांच प्रतिवेदन में सही पाए गए हैं, जो गंभीर कदाचार की श्रेणी में आते हैं। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*
सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*
April 22, 2026
*सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय* *जनजातीय अंचल में खेलों के...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

फाइल क्यों अटकी रही…?

गौर करने वाली बात यह है कि इस निलंबन की अनुशंसा तो कई दिन पहले हो चुकी थी, लेकिन कार्रवाई के आदेश काफी देर से जारी हुए। इस देरी ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी को बताया लोकतंत्र पर आघात
April 22, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर दी कड़ी प्रतिक्रिया : प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

अब सवाल उठ रहे हैं—

आखिर फाइल किस स्तर पर और क्यों अटकी रही?

क्याआरोपी को किसी प्रभावशाली हाथ का संरक्षण मिल रहा था?

या फिर पूरा मामला दबाने और समय निकालने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा था?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पूरा सच सामने नहीं आता, यह निलंबन केवल “आंशिक कार्रवाई” ही माना जाएगा।

जनता का विश्वास और गुस्सा

लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों की स्पष्ट राय है कि निलंबन तो सिर्फ पहला कदम है। असली न्याय तभी होगा जब—पूरे गबन प्रकरण की न्यायिक एवं वित्तीय जांच कर दोषियों को कठोर सजा मिले।सिर्फ बाबू ही नहीं, बल्कि इस घोटाले में जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही, उन पर भी जिम्मेदारी तय की जाए।जीवनदीप समिति जैसी महत्वपूर्ण संस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।कुछ सामाजिक संगठनों ने यहां तक मांग उठाई है कि जीवनदीप समिति की पूरी कार्यप्रणाली का विशेष ऑडिट होना चाहिए, ताकि आने वाले समय में इस तरह की वित्तीय गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो।

खबर का असर

इस घोटाले की खबर लगातार मीडिया और जनचर्चा में आने के कारण ही विभाग पर कार्रवाई का दबाव बना। सूत्रों के मुताबिक, पहले तो मामले को दबाने और टालने की कोशिशें हो रही थीं, लेकिन जनदबाव और लगातार उठ रही आवाज़ों ने ही निलंबन का रास्ता साफ किया।

स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि अगर मीडिया और जनता सवाल न उठाते तो संभवतः फाइल अभी भी किसी टेबल पर धूल खा रही होती।

अब आगे की निगाहें…

निलंबन आदेश के बाद जिले में चर्चा का माहौल गर्म है। लोग मानते हैं कि यह कार्रवाई देर से ही सही, लेकिन सही दिशा में पहला कदम है।

अब निगाहें इस पर हैं कि—

क्या जांच उच्च स्तर तक जाती है और असली दोषियों को बेनकाब करती है?क्या आरोपी पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्यवाही होगी या मामला महज़ प्रशासनिक कार्रवाई तक ही सीमित रहेगा?क्या इस कांड में और नाम सामने आएंगे या पूरी फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?

Back to top button
error: Content is protected !!