
ऑनलाइन अटेंडेंस से वेतन? शिक्षक फेडरेशन का सवाल—जब नेटवर्क ही नहीं, तो हाजिरी कैसे?
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण के निर्देशों का कड़ा विरोध किया है। फेडरेशन ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि जब तक ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती, तब तक प्रमाणित ऑफलाइन उपस्थिति पंजी के आधार पर ही वेतन जारी किया जाए।फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं कराते, बल्कि खेलकूद प्रतियोगिताओं, परीक्षा कार्य, मध्यान्ह भोजन की निगरानी, प्रवेश उत्सव, नामांकन अभियान, निर्वाचन ड्यूटी, जनगणना, सर्वे, प्रशिक्षण, विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन सहित अनेक प्रशासनिक दायित्व भी निभाते हैं। इसके अलावा कई दूरस्थ विद्यालयों में नेटवर्क और सर्वर की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना भी संभव नहीं हो पाता।


फेडरेशन ने सवाल उठाया कि जब सरकार स्वयं निर्बाध नेटवर्क और तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा पा रही है, तो उसकी खामियों का दंड शिक्षकों को वेतन रोककर क्यों दिया जाए? जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार राठौर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में ऑफलाइन उपस्थिति पंजी का सत्यापन प्रधान पाठक एवं प्राचार्य द्वारा किया जाता है। ऐसे में केवल ऑनलाइन उपस्थिति को वेतन का एकमात्र आधार बनाना न तो व्यावहारिक है और न ही न्यायसंगत।

फेडरेशन ने मांग की है कि ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह प्रभावी होने तक ऑफलाइन उपस्थिति पंजी को ही वेतन आहरण का वैध आधार माना जाए, ताकि तकनीकी खामियों का खामियाजा शिक्षकों को न भुगतना पड़े।
ज्ञापन के समय उपस्थित संगठन के सभी पदाधिकारी की मांग है
















