
सुविधाओं में नहीं होगी कोई कमी, अब बेहतर परिणाम देना शिक्षकों की जिम्मेदारी – कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन
प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर, प्रवेश उत्सव और परीक्षा परिणामों को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 15 जून 2026। आगामी शैक्षणिक सत्र को बेहतर बनाने और जिले के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में जिले के सभी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा संकुल शैक्षिक समन्वयकों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की ओर से विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी, लेकिन इसके अनुरूप परीक्षा परिणामों में भी उल्लेखनीय सुधार दिखाई देना चाहिए।
कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक शिक्षक समाज का निर्माता होता है और उसके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी जब जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं तो यह शिक्षक के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक विकास और भविष्य निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे स्वयं अनुशासन का पालन करें और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें। उन्होंने कहा कि शिक्षक की प्रतिभा, ज्ञान और अनुभव का सही उपयोग विद्यार्थियों के हित में होना चाहिए। विद्यार्थियों को सही दिशा देना, उनका मार्गदर्शन करना तथा उन्हें भटकाव और नकारात्मक प्रभावों से बचाना भी शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षण पद्धति को सरल, रोचक और विद्यार्थियों की समझ के अनुरूप बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल मेहनत ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर अभ्यास और नियमित अध्ययन भी सफलता की कुंजी है। विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

कलेक्टर ने विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपने परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विषयों और कमजोर विद्यार्थियों की पहचान करे तथा उनके लिए विशेष कक्षाओं और मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाए।
बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन समितियों के गठन, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं एमबीयू की स्थिति, अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्रों की उपलब्धता, जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की जानकारी, विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई तथा आगामी शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर ली जाएं ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण वातावरण में हो सके।
बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने कलेक्टर द्वारा निर्धारित लक्ष्यों और अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा जिले के परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी, डाइट पेंड्रा के प्राचार्य श्री जे.पी. पुष्प, सभी विकासखंडों के शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है तथा शिक्षकों की मेहनत और समर्पण से ही विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों से नए उत्साह और नई ऊर्जा के साथ आगामी शैक्षणिक सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।













