
एसडीओ ने तोड़कर नई पुलिया बनाने के दिए थे निर्देश, फिर पुरानी पुलिया का ही हो गया सत्यापन! मरवाही जनपद में 10 लाख के निर्माण पर बड़ा सवाल
मरवाही। जनपद पंचायत मरवाही ग्राम पंचायत रटगा में मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण मद से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मरवाही आरईएस के एसडीओ ने शिकायत के बाद पुलिया को तोड़कर नए सिरे से निर्माण कराने के निर्देश दिए थे, तो आखिर वह पुलिया आज तक दोबारा बनी ही नहीं। इसके बावजूद उसी पुलिया का सत्यापन कर दिया गया। इससे पूरे मामले की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पुलिया निर्माण में गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर जांच कराई गई थी। जांच के बाद जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा संबंधित पंचायत से इंजीनियर को हटाकर दूसरे इंजीनियर की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए थे। इसके बावजूद उसी निर्माण कार्य का मूल्यांकन पहले वाले इंजीनियर द्वारा किए जाने की चर्चा है।
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आरईएस के एसडीओ ने कथित रूप से स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दोषपूर्ण पुलिया को तोड़कर नया निर्माण कराया जाए। लेकिन यदि पुलिया का पुनर्निर्माण हुआ ही नहीं, तो उसी पुलिया का सत्यापन आखिर किस आधार पर किया गया? क्या एसडीओ के अपने ही आदेशों का पालन नहीं कराया गया, या फिर बिना स्थल निरीक्षण के कागजों में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी गई?

इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। शिकायत के बाद इंजीनियर को हटाना, फिर उसी से मूल्यांकन कराना और पुनर्निर्माण के आदेश के बावजूद पुरानी पुलिया का सत्यापन होना—ये सभी तथ्य कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
जिला प्रशासन पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि एसडीओ स्वंम के आदेश को पलटा पालन क्यों नहीं किया, पुरानी पुलिया का सत्यापन किसके निर्देश पर किया गया और यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
















