
CM हेल्पलाइन की शिकायत का असर: बेलगहना में तैनात होगी 108 एम्बुलेंस, हजारों ग्रामीणों को मिलेगी राहत
जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बेलगहना/कोटा। कोटा विकासखंड के दूरस्थ एवं अंतिम आदिवासी क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा को लेकर की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत का असर सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार प्रदीप शर्मा की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने बेलगहना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 सेवा की बीएलएस एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे बेलगहना, केंदा, आमागोहन सहित आसपास के दुर्गम क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों को आपातकालीन स्थिति में राहत मिलने की उम्मीद है।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बिलासपुर द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी पत्र में जिला समन्वयक 108, बिलासपुर को निर्देशित किया गया है कि कोटा विधानसभा क्षेत्र के बेलगहना, केंदा एवं आमागोहन क्षेत्र में वर्तमान में 108 एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने की स्थिति को देखते हुए उपलब्ध 12 एम्बुलेंस में से एक बीएलएस एम्बुलेंस को बेलगहना पीएचसी में तैनात करना सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के लिए एम्बुलेंस शीघ्र उपलब्ध कराना है।

80 से 90 किमी दूर जिला मुख्यालय, 55 से 60 किमी दूर विकासखंड मुख्यालय
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत में बताया गया था कि कोटा विकासखंड के अंतिम आदिवासी क्षेत्र के कई गांव जिला मुख्यालय से करीब 80 से 90 किलोमीटर तथा विकासखंड मुख्यालय से करीब 55 से 60 किलोमीटर दूर स्थित हैं। ऐसे दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमागोहन में उपलब्ध एम्बुलेंस ग्रामीणों के लिए जीवनरक्षक सुविधा के रूप में महत्वपूर्ण थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आमागोहन पीएचसी से एम्बुलेंस हटाए जाने के बाद गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से दूरस्थ आदिवासी परिवारों के लिए आपातकालीन परिवहन की समस्या गंभीर बनी हुई थी।

शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लिया संज्ञान
प्रदीप शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए बेलगहना पीएचसी में बीएलएस एम्बुलेंस तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था से बेलगहना, केंदा और आमागोहन क्षेत्र के मरीजों को दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।
प्रदीप शर्मा बोले—दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा सबसे जरूरी
सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार प्रदीप शर्मा ने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी तरह की कमी का सीधा असर ग्रामीणों की जिंदगी पर पड़ता है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की गई शिकायत का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एम्बुलेंस की व्यवस्था के लिए निर्देश जारी किए हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी।















