रावा में निःशुल्क पशु चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर संपन्न, पशुपालकों को मिली केसीसी और उन्नत नस्ल की जानकारी

मिथलेश आयम की रिपोर्ट, पोड़ीउपरोड़ा/कोरबा। पशुधन विकास विभाग कोरबा के उपसंचालक डॉ. एस. एन. मिश्रा के दिशा-निर्देशन एवं ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्र कुमार पटेल के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत रावा में एक दिवसीय निःशुल्क पशु चिकित्सा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्थानीय पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शासन की योजनाओं का लाभ उठाया।
घर-घर जाकर किया गया पशुओं का उपचार और टीकाकरण :-
शिविर के दौरान बड़ी संख्या में पशुपालक अपनी गाय, भैंस और बकरियों को लेकर पंचायत भवन रावा पहुंचे, जहाँ पशुओं का शारीरिक परीक्षण किया गया। इसके साथ ही विभागीय टीम ने पशुपालकों के घर-घर जाकर भी पशुओं का इलाज, टीकाकरण, ब्लड सैंपल कलेक्शन और टैगिंग (Tagging) का कार्य किया।शिविर में कुल 250 पशुओं का कृमिनाशक उपचार, 25 बीमार पशुओं का इलाज, 9 ब्लड सैंपल और 31 गोबर के नमूनों की जांच कर उचित दवाइयां वितरित की गईं।
केसीसी लोन और जैविक खेती पर दिया गया जोर :-

ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्र कुमार पटेल ने किसानों को संबोधित करते हुए पशुपालन के लिए उपलब्ध केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा ”पशुओं से हमें दूध और दही जैसे पौष्टिक उत्पाद मिलते हैं, जो शरीर को प्रोटीन और विटामिन प्रदान करते हैं। इसके अलावा, पशुओं से मिलने वाले गोबर का उपयोग जैविक खाद के रूप में करने से खेतों की उर्वरा शक्ति बनी रहती है।” डॉ. पटेल ने आगामी बरसात के मौसम और डीजल की बढ़ती किल्लत को देखते हुए पशुपालकों से अपने पशुओं को सहेजने की अपील की। उन्होंने किसानों को खेती के कार्यों में पारंपरिक रूप से बैलों का प्रयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्नत नस्ल और कृत्रिम गर्भाधान की दी गई जानकारी :-

शिविर में उपस्थित डॉक्टरों द्वारा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पशुपालकों को बकरियों, गायों और भैंसों में उन्नत नस्ल प्राप्त करने के लिए कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) कराने के फायदों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि भविष्य में उनका दुग्ध उत्पादन और आय बढ़ सके।
इनका रहा विशेष योगदान :-

इस शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही जिला पशु चलित इकाई कोरबा की डॉ. रेखा मिरी, एवीएम (AVM) स्टाफ, ब्लॉक पशु चलित इकाई के डॉ. महिपाल सिंह और पशु औषधालय जटगा के संस्था प्रभारी एस.आर. नेटी ने अपनी सेवाएं देकर शिविर को सफल बनाया।














