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जल संरक्षण की अनूठी पहल: दर्री में 24 लाख 30 हजार लीटर जल संग्रहण की क्षमता विकसित

जल संरक्षण की अनूठी पहल: दर्री में 24 लाख 30 हजार लीटर जल संग्रहण की क्षमता विकसित

डोंगरी टोला में करीब 3 हजार कंटूर ट्रेंच का निर्माण, 250 परिवारों को मिलेगा लाभ; 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 18 अक्टूबर 2026। जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्री के डोंगरी टोला में जल संरक्षण और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। यहां स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच निर्माण के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित करने की पहल की गई है। इस कार्य से जहां भविष्य में भूजल स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।

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इस परियोजना के तहत लगभग 3 हजार कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 24 लाख 30 हजार लीटर है। पानी की समस्या से जूझ रहे डोंगरी टोला के लगभग 250 परिवारों के लिए यह पहल भविष्य में राहत का माध्यम बन सकती है। निर्माण कार्य में तकनीकी सहायक चित्तरंजन मरकाम का योगदान भी महत्वपूर्ण बताया गया है।

वर्षा जल संरक्षण से भूजल स्तर बढ़ाने की पहल

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पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी बहकर निचले इलाकों में चला जाता है। इससे वर्षा जल का पर्याप्त उपयोग नहीं हो पाता और कई स्थानों पर मिट्टी का कटाव भी होता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए डोंगरी टोला में वैज्ञानिक पद्धति से स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इन ट्रेंचों को पहाड़ी ढलानों पर क्रमबद्ध तरीके से बनाया जाता है, जिससे बारिश के पानी की गति को नियंत्रित कर उसे एकत्रित किया जा सके। वर्षा के दौरान ट्रेंचों में जमा पानी धीरे-धीरे जमीन के भीतर समाहित होगा, जिससे भूजल पुनर्भरण में सहायता मिलने की संभावना है।

इस प्रक्रिया से मिट्टी में नमी बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को कम करने और आसपास के जलस्रोतों को लाभ पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही क्षेत्र की भूमि की जल धारण क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।

250 परिवारों के लिए भविष्य में राहत की उम्मीद

डोंगरी टोला में गर्मी के दिनों में पानी की समस्या से जूझने वाले लगभग 250 परिवारों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। वर्षा जल को संरक्षित करने और उसे जमीन में समाहित करने से आसपास के कुओं तथा अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। जल संरक्षण के ऐसे कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालीन जल सुरक्षा की दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इससे न केवल बारिश के पानी का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा।

हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव वर्षा की मात्रा, मिट्टी की प्रकृति, भूगर्भीय परिस्थितियों और ट्रेंचों के उचित रखरखाव पर निर्भर करेगा।

जल संरक्षण के साथ रोजगार का भी सृजन

इस निर्माण कार्य की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे जल संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्य में प्रतिदिन लगभग 150 से 160 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक इस कार्य के माध्यम से कुल 3166 मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने ही क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला है और स्थानीय स्तर पर आजीविका को सहारा मिला है।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के निर्माण कार्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी भूमिका निभाते हैं। इससे गांव के लोगों को अपने आसपास ही काम मिलने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

डोंगरी टोला में निर्मित कंटूर ट्रेंच भविष्य में वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और भूमि में नमी बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। इससे आसपास के पेड़-पौधों के विकास और कृषि सहित अन्य गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार की संभावना है। मरवाही विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के ऐसे प्रयास बढ़ती जल समस्या से निपटने में उपयोगी हो सकते हैं। दर्री पंचायत के डोंगरी टोला में किया जा रहा यह कार्य इस बात को रेखांकित करता है कि प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन ग्रामीण विकास और स्थानीय रोजगार, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, 24 लाख 30 हजार लीटर जल संग्रहण क्षमता और 3166 मानव दिवस रोजगार सृजन के साथ डोंगरी टोला का यह कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य जल संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका को एक साथ आगे बढ़ाने की पहल है। आने वाले समय में इसके परिणाम क्षेत्र के जलस्तर, जलस्रोतों और स्थानीय परिवारों के लिए कितने लाभकारी साबित होते हैं, यह वर्षा के बाद की परिस्थितियों और परियोजना के प्रभावी रखरखाव से स्पष्ट होगा।

जल संरक्षण की इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में तकनीकी सहायक चित्तरंजन मरकाम का सराहनीय योगदान रहा। उनके तकनीकी मार्गदर्शन एवं कार्य के प्रति समर्पण से कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस कार्य से ग्राम दर्री में 24 लाख 30 हजार लीटर जल संग्रहण क्षमता विकसित होने के साथ ही 3,166 मानव दिवस रोजगार का सृजन हुआ, जो ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दृष्टि से उल्लेखनीय है।

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