
खनन माफियाओं की कमर टूटी! अवैध रेत का जखीरा सीज, मशीनें जब्त
रेत माफियाओं पर प्रशासन का बुलडोजर! 70 ट्रैक्टर अवैध रेत जब्त, जेसीबी-हाइवा रंगे हाथ पकड़ाए — बिलासपुर में बड़ी कार्रवाई से हड़कंप

बिलासपुर, 18 अप्रैल 2026।जिले में लंबे समय से जारी अवैध रेत खनन के खेल पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ा प्रहार करते हुए माफियाओं की कमर तोड़ने वाली कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के सख्त निर्देशों के बाद तखतपुर क्षेत्र के ग्राम निरतु घाट पर आज सुबह राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सुबह-सुबह हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में टीम ने मौके पर ही अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन करते हुए एक जेसीबी मशीन और एक हाइवा वाहन को रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ये वाहन बिना किसी वैध अनुमति के नदी घाट से रेत निकालकर उसे ट्रांसपोर्ट करने में लगे हुए थे। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को जब्त कर थाना कोनी के सुपुर्द कर दिया।

कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। प्रशासन की टीम ने ग्राम निरतु में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से डंप की गई रेत पर भी सख्ती दिखाई। जांच के दौरान पाया गया कि बड़ी मात्रा में रेत पहले से इकट्ठा कर रखी गई थी, जिसे आगे परिवहन कर बेचने की तैयारी थी। इस पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 70 ट्रैक्टर रेत को जब्त कर लिया। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रेत की जब्ती ने यह साफ कर दिया कि क्षेत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से अवैध खनन का खेल चल रहा था।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं में जबरदस्त डर का माहौल है। कई लोग मौके से फरार हो गए, जबकि कुछ ने कार्रवाई की भनक लगते ही अपने वाहन और उपकरण छुपाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक नहीं चली।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल शुरुआत है और आगे भी अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह छोटा स्तर का परिवहनकर्ता हो या बड़े स्तर का माफिया, सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सवाल यह भी उठने लगे हैं कि आखिर इतने लंबे समय से इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रेत का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था। फिलहाल प्रशासन की इस सर्जिकल कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है कि अब अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है।















