
सूखे नाले पर डैम घोटाला! झगराखान्ड में कागजों में बहा दी गई सरकारी राशि
एक ही स्थान पर बार-बार निर्माण स्वीकृति, घटिया काम और इंजीनियर-सचिव की मिलीभगत के आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत झगराखान्ड में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। बरसाती नाले पर बनाए जा रहे चेक डैम निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितताओं और सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
बाइट -जिला सीईओ जिला पंचायत गौरेला पेंड्रा मरवाही….!

ग्रामीणों के अनुसार, इसी नाले पर पिछले वर्ष निर्मित स्टॉप डैम आज तक पानी रोकने में पूरी तरह विफल रहा है, जिससे उसकी उपयोगिता पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद उसी स्थान के आसपास दो नए चेक डैम की स्वीकृति प्रदान कर दी गई, जो पूरे निर्माण प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों पर संदेह खड़ा करता है।
आरोप है कि सरपंच और पंचायत सचिव कविता राठौर की मिलीभगत से योजनाओं को कागजों में पूर्ण दिखाकर लाखों रुपये की निकासी की जा रही है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।

मामले में तकनीकी अमले, विशेषकर संबंधित इंजीनियर की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि गलत साइड चैन दर्शाकर और तकनीकी रिपोर्ट में हेरफेर कर निर्माण कार्य को उचित ठहराया जा रहा है, जिससे अनियमितताओं को संरक्षण मिल रहा है।
इसके साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि सचिव कविता राठौर लंबे समय से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली और प्रभाव को लेकर भी प्रश्न उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला पंचायत प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इस कथित घोटाले में संलिप्त लोगों पर ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।















