नवागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित मनमानी से ग्रामीणों में आक्रोश, डिलीवरी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप !


/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के नवागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने यहां पदस्थ स्टाफ नर्सों के कथित दुर्व्यवहार, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और संस्थागत प्रसव के दौरान पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनका अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है।
डिलीवरी के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, मरीजों के परिजनों की परेशानी बढ़ी

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवागांव में पदस्थ स्टाफ नर्स पर संस्थागत प्रसव के दौरान मरीजों एवं उनके परिजनों से कथित रूप से पैसों की मांग करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर मरीजों और उनके परिजनों को परेशान किया जाता है।
यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही और मरीजों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला होगा। जरूरतमंद परिवार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर और सम्मानजनक उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, ऐसे में उनसे कथित रूप से अनुचित राशि की मांग किए जाने की शिकायत ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मरीजों से अभद्र व्यवहार का आरोप, स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित स्टाफ नर्सों द्वारा इलाज के लिए आने वाले मरीजों और ग्रामीणों के साथ आए दिन दुर्व्यवहार किया जाता है तथा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसी संवेदनशील जगह पर मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, लेकिन कथित तौर पर इसके विपरीत स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहतीं, जिसके कारण जरूरत के समय मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित कर्मचारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
चार आश्रित गांवों के ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भरता
नवागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत चार आश्रित गांव आते हैं। इन गांवों के ग्रामीण सामान्य उपचार से लेकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल और प्रसव संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी केंद्र पर निर्भर रहते हैं।
ऐसे में यदि स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहते या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो इसका सीधा असर ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ सकता है। शिकायतकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग से केंद्र की कार्यप्रणाली की जांच कराने, कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड खंगालने और प्रसव के दौरान कथित वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कलेक्टर से कार्रवाई की मांग, मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों एवं क्षेत्र के सरपंचों ने मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए उनका अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया जाता, तो ग्रामीणों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
अब स्वास्थ्य विभाग की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें…!
नवागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सवाल यह है कि क्या शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों से व्यवहार की वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी? और क्या संस्थागत प्रसव के दौरान कथित रूप से पैसे मांगने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई होगी?ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—स्वास्थ्य केंद्र में नियमित सेवाएं सुनिश्चित हों, मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।
नोट: यह समाचार ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित स्टाफ नर्सों तथा स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा














